“मध्य प्रदेश सरकार में सरकारी नौकरियां सिर्फ मध्य प्रदेश लोगों के लिए ही होंगी” मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने ये बयान देकर एक नया विवाद पैदा कर दिया है,क्योंकि मध्यप्रदेश में बहुत से उत्तर प्रदेश और बिहार के लोग कार्यरत हैं।

अब इस फैसले के बाद विवाद होना आवश्यक हो गया है क्योंकि जब कुछ दिनों पहले ही दिल्ली के मुख्यमंत्री ने सिर्फ दिल्ली ही के मरीजों का इलाज करने के लिए कहा था तब भी बहुत विवाद देखने को मिला था और सबसे ज़्यादा विरोध भाजपा ही ने किया था।

अब जब भाजपा के मुख्यमंत्री ने ये बयान दिया है तो इस बात को लेकर विपक्ष कितना आक्रमक होता है ये देखना दिलचस्प होगा क्योंकि हमेशा से ही क्षेत्रीय मुद्दा हावी रहा है जिसमे बाल ठाकरे जैसे मराठी राजनीति को मज़बूती देने वाले नेता शामिल हैं।