सियासत न्यूज़ डेस्क-मेरठ-प्रदेश की योगी सरकार द्वारा गन्ना मूल्य में की गई 10 रुपए की वृद्धि को लेकर किसानों में जबरदस्त आक्रोश है। बृहस्पतिवार को भाकियू के बैनर तले दर्जनों किसानों ने मवाना शुगर मिल में धरना देते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। जिसमें किसानों ने इस मूल्यवृद्धि को राजनैतिक छलावा बताते हुए प्रदेश सरकार पर किसानों के उत्पीड़न का आरोप लगाया।
एडवोकेट आदेश शर्मा ने आरोप लगाया कि आजादी के बाद से आज तक किसी भी सरकार में इस हद तक किसानों का उत्पीड़न नहीं हुआ है। प्रदेश की भाजपा सरकार में डीजल सहित अन्य चीजों के बढ़े हुए दामों और गन्ने का बकाया भुगतान ना होने को लेकर पहले ही किसान खुदकुशी पर मजबूर हैं।
ऐसे में सरकार द्वारा की गई 10 रुपए की मूल्य वृद्धि ऊंट के मुंह में जीरे के बराबर है। किसान मेघराज ने दो वर्ष बाद गन्ने के दामों में किए गए इजाफे को नाकाफी बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार को किसानों की लागत और मेहनत के साथ-साथ बढ़ती महंगाई को देखते हुए गन्ने के दाम बढ़ाने चाहिए। उन्होंने गन्ना मूल्य 350 रुपए प्रति कुंतल किए जाने की मांग की।
वहीं, भारतीय किसान यूनियन के नेता नरेश चौधरी ने आरोप लगाया कि जहां डीजल के दाम आसमान को छू रहे हैं, ऐसे में प्रदेश सरकार ने गन्ना मूल्य में मात्र 10 रुपए की बढ़ौतरी कर किसानों का मजाक उड़ाने का काम किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी नहीं की तो भाकियू बड़ा आंदोलन करेगी।