बिजनौर। शहर की भरत बिहार कॉलोनी की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है वहां पर बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहा है। हालात यह है कि कई दर्जन संक्रमित मिलने के बावजूद भरत बिहार में न तो नियमानुसार बल्लियां लगाकर संबंधित क्षेत्रों को सील किया जा रहा है और न ही संक्रमितों के परिजनों व संपर्क में आए अन्य लोगों से होम क्वारंटीन की गाइड लाइन का पालन कराया जा रहा है। भरत बिहार कॉलोनी में लोग बेफिक्र होकर घूम रहे हैं।

फिर चाहे फल-सब्जियों के ठेलें हो अथवा दुकानें, सब जगह सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कॉलोनी में जगह-जगह चौपाल लगाकर वहां के पुरूषों के साथ महिलाएं भी गप्पे मारते हुए आसानी से देखी जा सकती हैं। प्रशासन इस कॉलोनी में कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन कराने के लिए पहरा तक लगाने को तैयार नहीं हैं।

कॉलोनी के जागरूक लोग तो इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए यहां तक मांग कर चुके हैं कि उनकी पूरी कॉलोनी को पूर्ण रूप से निर्धारित अवधी के लिए सील कर दिया जाए। केवल आवश्यक वस्तुओं अथवा आपात स्थिति में ही आवागमन की छूट मिल सके। इसके बावजूद जिला प्रशासन भरत बिहार को लेकर कोई भी कठिन फैसला लेने से क्यो कतरा रहा है?

भरत विहार में पैर पसार रहे कोरोना संक्रमण को लेकर भले ही जिला प्रशासन उदासीनता बरत रहा हो, लेकिन कॉलोनी के कुछ जागरूक लोग अपना फर्ज निभाने से पीछे नहीं हट रहे हैं। इसी के चलते इन जागरूक लोगों ने कालोनी में स्थित बड़ा शिव मंदिर को आपसी सहमति से बंद कर दिया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर में प्रति दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने आते हैं, ऐसे में अगर कोई संक्रमित मंदिर में पहुंच जाता तो अन्य लोगों पर भी खतरा बढ़ जाता है |

हालांकि इस ओर भी प्रशासन को ध्यान देना चाहिए था लेकिन अधिकारियों की सोच इस समस्या तक नहीं पहुंची तो जागरूक लोगों ने खुद ही इसका हल निकाल लिया,फिलहाल भरत विहार का बड़ा शिव मंदिर बंद कर दिया गया है और इसमें पूजा-अर्चना करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।