न्यूज़ डेस्क-(मेरठ) कोरोना के महामारी घोषित होने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ तथाकथित नीम हकीम इस महामारी के इलाज का दावा कर रहे हैं। मेरठ पुलिस ने जानी थाना क्षेत्र से एक ऐसे ही फर्जी ‘कोरोना बाबा’ को गिरफ्तार किया है, जो सोशल मीडिया पर पिछले कई दिनों से अपने पास कोरोना की दवाई होने का दावा कर रहा था। उधर, किठौर थाना पुलिस ने भी लॉक डाउन के दौरान गरीबों की मदद के लिए 300 रुपए में फार्म भरवाने वाले एक ठग को गिरफ्तार किया है। इसी दौरान कंकरखेड़ा क्षेत्र में विदेश से लौटे दो सिख संगतदारों में कोरोना के लक्षण पाए जाने के बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दोनों व्यक्तियों की मेडिकल में जांच कराई जिसमें फिलहाल उनमें इस बीमारी के कोई लक्षण नहीं मिले हैं।

बताते चलें कि कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें एक व्यक्ति कोरोना की दवाई का आविष्कार 27 वर्ष पहले ही किए जाने का दावा करते हुए इस दवाई को अपने पास उपलब्ध बता रहा था। कोरोना बाबा द्वारा किए जा रहे दावे की जानकारी मिलते ही पुलिस के कान खड़े हो गए। एसपी देहात अविनाश पांडे ने बताया कि इस मामले में कार्यवाही करते हुए पुलिस ने बाईपास स्थित गॉडविन कॉलोनी निवासी पवन कुमार यादव उर्फ पवन दास को गिरफ्तार किया है। आरोपी मूल रूप से राजस्थान का निवासी है। जिसके खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा जा रहा है। इतना ही नहीं किठौर पुलिस ने भी लॉक डाउन के दौरान शासन द्वारा गरीबों को दी जा रही मदद की एवज में 300 रुपए लेकर फार्म भरवाने वाले एक ठग को गिरफ्तार किया है। एसपी देहात ने शहर के सभी नागरिकों से ऐसे ठगों से सावधान रहने की अपील की है।

उधर आज कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम अचानक बड़ा बाजार स्थित गुरुद्वारे जा धमकी। दरअसल यहां रहने वाले दो संगतदार बीती 28 फरवरी को दुबई से कीर्तन करके वापस लौटे थे। हल्की खांसी और बुखार की शिकायत होने पर आज एहतियात के तौर पर दोनों व्यक्तियों को लेने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम गुरुद्वारे पहुंची। मेडिकल में दोनों व्यक्तियों का परीक्षण कराया गया। जिसके बाद उनमें कोरोना जैसे कोई लक्षण ना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने राहत की सांस ली।