रविन्द्र उज्जवल ( मेरठ)- अगर आप मदिरा पीने के शौकीन हैं और इस लॉकडाउन में शराब की तलाश में भटक रहे हैं तो इसमें ज्यादा चिंता करने की कोई बात नही है। जानी थाना पुलिस द्वारा पकड़ी गई अवैध देशी विदेशी शराब को निष्क्रिय कर ठिकाने लगाने के लिए पुलिस ने थाने के सामने ही एक गड्डा खोदकर इस शराब को यंहा दफन कर दिया।

मेरठ के ‘जानी” क्षेत्र की ये घटना देश के भविष्य की मौजूदा स्थिति को बयान कर रही है की किस तरह मासूम बच्चों ने गड़े से शराब निकालकर पास ही पड़े खाली पव्वो में भरकर दिनभर थाने के सामने ही मन माफिक रेटो पर शराब बेची जा रही है,यहाँ मौजूदा मासूम बच्चों का कहना था कि सरकार ने घर के दरवाजे बंद कर दिए हैं तो ऐसे में पापी पेट की ज्वाला कैसे शांत होगी। सरकार तो महज कागजी घोषणा करती हैं।

शराब की पैकिंग करते बच्चे .

देश के मशहूर गीतकार प्रदीप ने मासूम बच्चों के लिए जब यह गीत लिखा था कि “हम लाए हैं तूफान से कश्ती निकालकर इस देश को रखना मेरे बच्चों सँभालकर कर” लेकिन शायद इस अमर गीतकार ने सपने में भी यह कल्पना नही की होगी कि घर का पापी पेट पालने के लिए कलम उठाने वाले यह हाथ पुलिस द्वारा गहरे गड्ढे में दफन करने पर इन मासूमो ने अवैध शराब को बाहर निकालकर ड्रम में भरकर खाली पव्वे में पैक कर पिययकड़ो को बेचकर घर के चूल्हे जलाने का इंतज़ाम किया।

थाना परिसर की दीवारों पर रखकर ही यंहा दिनभर बियर ओर शराब के जाम छलके,हालांकि थाना पुलिस ने ऐसी किसी जानकारी से इंकार किया है। लेकिन दिखती तस्वीरे पुलिस के इस झूठ की पोल खोलने के लिए काफी हैं।