न्यूज़ डेस्क (मेरठ) – वैश्विक स्तर पर महामारी घोषित हो चुके कोरोना वायरस से निपटने के लिए जहां देश के तमाम राज्यों में लॉक डाउन किया जा चुका है। वहीं, अब मस्जिदों में एकत्र होने वाली अकीदतमंदो की भीड़ को रोकने के लिए मुस्लिम धर्मगुरुओं द्वारा भी एक सार्थक पहल की गई है। जिसके चलते मुस्लिम धर्मगुरुओं ने अपने समाज के लोगों से मस्जिदों में ना जाकर अपने घरों पर ही नमाज पढ़ने की अपील की है। जिससे इस जानलेवा वायरस को फैलने से रोका जा सके।

बताते चलें कि भारत में कई स्थानों पर कोरोना वायरस की महामारी थर्ड स्टेज में पहुंच चुकी है। ऐसे हालात में इंसान से इंसान को संक्रमण का खतरा बढ़ता देख केंद्र सरकार द्वारा देश के सभी राज्यों में लॉक डाउन घोषित किया जा चुका है। आज इसी संदर्भ में मुस्लिम धर्म गुरु कारी शफीक उर रहमान और अन्य मुस्लिम धर्मगुरुओं ने एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया। कारी शफीक उर रहमान ने बताया कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और देवबंद के दारुल उलूम सहित तमाम मुस्लिम धर्म संगठनों ने वायरस को रोकने के लिए मस्जिदों में नमाज पर पाबंदी लगा दी है।

जिससे मस्जिदों में एकत्र होने वाले मुस्लिम समाज के लोग संक्रमित ना हो सकें। इसी के साथ मस्जिदों से सफे हटाकर साफ-सफाई को और बेहतर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब से सभी मस्जिद के मौलाना और उनके साथी अपनी मस्जिदों में अजान और नमाज किया करेंगे। वहीं, मुस्लिम समाज के लोग अपने-अपने घरों में ही नमाज अदा किया करेंगे। मुस्लिम धर्मगुरुओं ने मुस्लिम समाज के सभी लोगों से इस वायरस से निपटने के लिए सहयोग की अपील करी है |