मेरठ -जानी कला गाँव में लखनऊ और दूरस्थ स्थानों से मजदूरी कर लौटे 18 मरीजो में करोना वायरस के लक्षण मिलने ही अफवाह से पूरे इलाके में हड़कप मच गया। सूचना पर पांचली सीएचसी से पहुंची टीम इनका नाम पता कर लौट गई। संदिग्ध मजदूरों की जांच ना होने से लोगो मे भय का माहौल हैं।

ग्रामीणों के अनुसार करीब सवा माह पूर्व गांव निवासी नितिन, मोनू, राजबीर , सोनू, राहुल, अर्जुन, मनीश, रवि,गुलफाम, फरमान ओर लाडपुरा निवासी सूरज, मोगली मोबाइल टावर के काम के सिलसिले में लखनऊ, जौनपुर, फरुखाबाद आदि शहरों में काम पर गए थे। बताया गया कि यंहा इनमे से कइयों की तबियत खराब होने पर यह आज गुरुवार को गांव वापस लौट आए। इनके स्वास्थ्य लक्षण ठीक ना देखकर लोगो ने इसकी सूचना ग्राम प्रधान पुत्र साकिब को देने पर पांचली सीएचसी से प्रधान के यंहा पहुंची टीम ने इनके नाम पते नोट कर बैगर किसी जांच के ही इन्हें करोना मुक्त घोषित कर टीम वापस लौट गई।

लखनऊ से लौटे मजदूर

बिना जांच के गांव में इन संदिग्ध मरीजो को लेकर ख़ौफ़ का माहौल हैं। वंही पांचली सीएचसी प्रभारी का दावा हैं कि किसी भी मजदूर में करोना वायरस के लक्षण नही पाए गए है, इसलिए इनका टेस्ट भी नही कराया गया।

क्या कहते हैं सीएमओ राजकुमार गुप्ता का कहना है बाहर से घर लौटे व्यक्ति को 14 दिनों तक घर मे ही रहना होगा यदि इस दौरान उसे नजला सुखी खांसी आदि के लक्षण मिलते हैं तब विभाग उसका करोना टेस्ट करती हैं। जिले में अब तक 47 लोगो के टेस्ट हो चुके है। जबकि 600 के करीब लोगो पर विभाग नजर रखे हैं उन्होने लोगो से घरो में रहने की हिदायत दी हैं।