उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर यानी (NPR) की प्रक्रिया को शुरू करने का निर्देश दिया है,इस प्रक्रिया को एक नोटिफिकेशन जारी करने का आदेश दिया गया है,जिसमे इसी साल मई महीने में एनपीआर की प्रक्रिया को शुरू किया जायेगा।
उत्तर प्रदेश में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार है,और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री हैं,इसलिए एनपीआर की प्रक्रिया में प्रशासनिक तौर पर कोई समस्या नही होगी,लेकिन क्या इतने बड़े लेवल पर चल रहें विरोध प्रदर्शनों के बाद उत्तर प्रदेश के लोग एनपीआर में अपना रजिस्ट्रेशन कराएंगे?

देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों में सीएए,एनआरसी और एनपीआर का विरोध बड़े पैमानें पर चल रहा है,
जहां “हम काग़ज़ नही दिखाएंगे” का नारा बुलंदी से बोला जा रहा है,क्योंकि एनपीआर ही को एनआरसी का पहला स्टेप बताया जा रहा है,वहीं भाजपा का कहना है कि एनपीआर से एनआरसी से कोई लेना देना नहीं है।

वहीं एनपीआर के विरोध में चल रहें कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए केरल,बंगाल,मध्यप्रदेश ने एनपीआर की प्रकिया को रोक दिया है,और कांग्रेस महाराष्ट्र में भी इसे लागू न कराने को लेकर कोशिश कर रही है।

अब देखना ये है कि 16 मई से शुरू हो रही और 30 जून तक चलने वाली एनपीआर की प्रक्रिया का उत्तर प्रदेश में कितना विरोध होगा,या फिर एनपीआर का विरोध कर रहें लोग एनपीआर का पूरी तरह बहिष्कार करेंगें,ये गौर करने वाली बात होगी।