जानी खुर्द ( मेरठ)-महिलाओं की कानो की बाली ओर झुमके उनके सौंदर्य का गहना माने जाते हैं। लेकिन सरकार अब मवेशियों के कानों में भी टैग लगाने की तैयारी में जुटी हैं। मुंहपका खुरपका के बाद पशुओ में टैग लगाया जाएगा जिससे उनके टीकाकरण की पुष्टि हो सके। लेकिन किसानों के भारी विरोध के चलते विभाग के इस अभियान को पलीता लगता दिख रहा।

पशुपालन विभाग के अनुसार हर वर्ष मुंहपका खुरपका बीमारी के चलते बड़ी संख्या में पशुओ की मौत हो जाती हैं। हालांकि विभाग इसकी रोकथाम के लिए समय – समय पर टीकाकरण अभियान चलाता हैं। इस बार टीकाकरण से कोई पशु ना छुटे इसके लिए विभाग मवेशियों के कानों में सीरियल नंबर के आधार पर टैग लगाने की योजना पर अमलीजामा पहना रहा है।

लेकिन किसानों के विरोध के चलते विभाग का यह अभियान फिलहाल तो सफेद हाथी ही साबित हो रहा है। जानी पशु चिकित्सा केंद्र प्रभारी राकेश कुमार के अनुसार मात्र दस फीसदी किसान ही टैग लगवा रहे हैं। घ्यान रहे क्षेत्र में 40 हजार के करीब भैंस ओर 11 हजार के करीब गाय हैं।